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Bihar News: मैरवा नगर पंचायत के केमिकल खरीद मामले में EO कुमारी अर्चना पर कार्रवाई, पांच वेतनवृद्धियां रोकी गईं

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | सिवान के मैरवा नगर पंचायत में वर्ष 2020 में फॉगिंग केमिकल खरीद से जुड़े मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग ने तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी अर्चना की पांच वेतनवृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड दिया है।

30 अक्टूबर 2026 | Alam Ki Khabar: बिहार के सिवान जिले के मैरवा नगर पंचायत में कोरोना काल के दौरान फॉगिंग केमिकल की खरीद से जुड़ा पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस मामले में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी अर्चना के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी पांच वेतनवृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से रोकने का फैसला किया है।


निविदा प्रक्रिया और खरीद पर उठे थे सवाल


मामला वर्ष 2020 का है, जब मैरवा नगर पंचायत में मच्छरों और संक्रमण नियंत्रण के लिए फॉगिंग केमिकल खरीदा गया था। इस खरीद में निविदा की शर्तों, कंपनी के दस्तावेजों और केमिकल की गुणवत्ता की जांच को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।


सिवान के तत्कालीन जिलाधिकारी ने 26 नवंबर 2021 को विभाग को भेजी अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी अर्चना की भूमिका पर सवाल उठाए थे। आरोप था कि देवरिया (उत्तर प्रदेश) की ASM इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अभिषेक त्रिपाठी को निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर लाभ पहुंचाया गया।


जिलाधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, निविदा में KING FOG केमिकल की जगह KINS FOG केमिकल की खरीद की गई। आरोप यह भी था कि कंपनी के जरूरी दस्तावेजों और उत्पाद की गुणवत्ता की समुचित जांच किए बिना खरीद को मंजूरी दी गई और अधिक राशि का भुगतान किया गया।


पहली जांच में साबित नहीं हुए थे आरोप


इस मामले में विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई थी। 9 जून 2023 को संचालन पदाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में कुमारी अर्चना के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए थे।


हालांकि, अनुशासनिक प्राधिकार ने जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों से असहमति जताई और संबंधित अधिकारी से असहमति के बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा। विभाग ने उनके स्पष्टीकरण की समीक्षा की, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया।


पांच वेतनवृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से रोकने का फैसला


विभागीय समीक्षा के बाद बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत कुमारी अर्चना पर पांच वेतनवृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से अवरुद्ध करने का दंड लगाया गया है। इस कार्रवाई का असर उनकी भविष्य की वेतनवृद्धियों पर भी पड़ेगा।


यह मामला नगर निकायों में सरकारी खरीद, निविदा प्रक्रिया और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता की अहमियत को सामने लाता है। कोरोना महामारी के दौरान की गई खरीद में उठे सवालों पर विभागीय स्तर पर हुई कार्रवाई अब प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


Alam Ki Khabar की नजर: नगर निकायों में सरकारी धन से होने वाली खरीदारी में नियमों का पालन और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि जनता के पैसे का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए हो सके।


यह भी पढ़ें: बिहार की अन्य प्रशासनिक और सरकारी खबरों के लिए Alam Ki Khabar पढ़ते रहें।

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